मेरठ में कांवड़ यात्रा 2026: सावन सोमवार पर हरिद्वार रूट पर चाक-चौबंद सुरक्षा, जल पुलिस भी अलर्ट

 
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ-हरिद्वार कॉरिडोर पर सावन के पहले सोमवार को लाखों कांवड़ियों की भीड़ उमड़ी, प्रशासन ने की व्यापक सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था 
मेरठ: सावन के महीने में चल रही कांवड़ यात्रा 2026 अब अपने पूरे उफान पर है। मेरठ से हरिद्वार तक फैले मुख्य कांवड़ मार्ग NH-34 पर सावन सोमवार के मौके पर शिव भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। 30 जुलाई से शुरू हुई यह यात्रा 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि पर जलाभिषेक के साथ संपन्न होगी। इस बार सावन में कुल चार सोमवार पड़ रहे हैं, जिनमें से पहला सोमवार व्रत 3 अगस्त को रखा गया। 
मेरठ जोन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम 
कांवड़ यात्रा के सुचारू और सुरक्षित संचालन के लिए मेरठ जोन में उत्तर प्रदेश पुलिस ने चार अस्थायी थाने और 58 अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की हैं। मेरठ जोन के डीआईजी कलानिधि नैथानी के अनुसार, इन व्यवस्थाओं का मकसद कांवड़ मार्गों और मेला क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, भीड़ प्रबंधन करना और आपात स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है। ये सभी अस्थायी चौकियां श्रावण मास शुरू होने से चार दिन पहले ही सक्रिय कर दी गई थीं। 
मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था की निरंतर निगरानी कर रहे हैं। यात्रा मार्ग पर राउंड-द-क्लॉक निगरानी के लिए मेरठ में नौ अस्थायी पुलिस चेकपॉइंट भी बनाए गए हैं। इसके अलावा हरिद्वार में एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर, मुजफ्फरनगर में एसएसपी संजय कुमार वर्मा और गाजियाबाद में पुलिस कमिश्नर जे. रवींद्र गौड़ जैसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को यात्रा के सबसे संवेदनशील हिस्सों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि हरिद्वार से दिल्ली तक की पूरी पट्टी में समन्वित सुरक्षा तंत्र सुनिश्चित हो सके। 
डीजे और यातायात को लेकर सख्ती 
मेरठ पुलिस ने डीजे संचालकों के साथ भी बैठक कर सख्त निर्देश जारी किए हैं। मेरठ पुलिस लाइन में हुई इस समन्वय बैठक में करीब 250 डीजे ऑपरेटरों को तय मानकों के अनुसार ही संगीत बजाने, धार्मिक सौहार्द बनाए रखने और यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। यात्रा के दौरान दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे सहित कई प्रमुख मार्गों पर भी ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके। 
जल पुलिस और आपात सेवाएं तैनात 
हरिद्वार में हर की पौड़ी से गंगाजल लेकर लौटने वाले कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए जल पुलिस को नदी घाटों पर विशेष रूप से तैनात किया गया है। घाटों पर गोताखोर, नाव गश्त और सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। मानसून के मौसम में गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह सतर्कता और भी अहम मानी जा रही है। 
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सलाह 
प्रशासन ने कांवड़ियों और आम यात्रियों दोनों से अपील की है कि वे रोजाना के ताजा ट्रैफिक एडवाइजरी की जांच करते रहें, क्योंकि भीड़ के हिसाब से मार्गों में बदलाव संभव है। पीक पिलग्रिम मूवमेंट 8 से 11 अगस्त के बीच रहने का अनुमान है, इसलिए इस दौरान मेरठ-हरिद्वार कॉरिडोर से गुजरने वाले सामान्य यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। 
 
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यह खबर लगातार अपडेट हो रही स्थिति पर आधारित है। ताजा ट्रैफिक और सुरक्षा एडवाइजरी के लिए स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखें। 
 
 
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